कम्प्युटर की पीढ़ियाँ (Generations of Computer) हिन्दी में


कम्प्युटर की पीढ़ीया (Generations of Computer) :

दोस्तो अगर आप भी जानना चाहते है और आप के भी  कुछ सवाल है जैसे- कम्प्युटर की पीढ़िया (Generations) क्या है?
कम्प्युटर की पीढ़ीया (Generations of Computer)
Computer Generation

कम्प्युटर की अब तक कितनी पीढ़िया (Generations) आ चुकी है? और कोन सी पीढ़ी (Generation) चल रही है तथा किन-किन पीढ़ियो (Generations) मे कोन-कोन से कंप्यूटरो का आविष्कार हुआ आप के इन सभी सवालो के जवाब हम इस बलोग मे देगे, जानने के लिये बने रहिए हमारे साथ ।


कम्प्युटर की पीढयां क्या है (What is Computer Generations): 
प्रथम एलेक्ट्रोनिक कम्प्युटर ENIAC का निर्माण सन 1946 मे किया गया था। सन 1946 के बाद कंप्यूटरो मे अनेक तकनीकी सुधार हुए। अब तक Computers में  हुए इन सुधारो को पाँच भागो मे बाटा गया है। इन सभी भागो को कम्प्युटर की पीढ़िया (Generations) कहा जाता है। दूसरे शब्दो मे समझे तो यदि कम्प्युटर के अंदर मूलरूप से कोई नई चीज जुड़ती है या उसमे  किसी नई भाग का विकास होने पर एक नई पीढ़ी (Generation) की शुरूआत होती है ।
               कम्प्युटर की हर एक पीढ़ी मे अलग-अलग सुधार होते रहे जो इस प्रकार है --
               1.  कम्प्युटर की कार्य करने की गति बढ़ी।  
               2.  कम्प्युटर का आकार छोटा हुआ ।
               3.  कम्प्युटर की कीमत कम हुई।
               4.  कम्प्युटर की कार्य क्षमता बढ़ी।
               5.  कम्प्युटर का संचालन आसान हुआ।  
 

कम्प्युटर की पहली पीढ़ी ( First Generation 1946 -1953 ) :
Vacuum Tubes
Vacuum Tubes
प्रथम पीढ़ी के कम्प्युटर आकार मे बहुत बड़े होते थे जिस कारण वे बहुत ज्यादा जगह घेरते थे। ईस पीढ़ी के Computers मे  वेक्यूम टयूब (Vacuum Tubes) इलैक्ट्रिक वाल्व का प्रयोग किया गया था।  जिसमे इलैक्ट्रिक करंट को प्रदर्शित करने के लिए symbol एवं number का इस्तेमाल किया गया। प्रथम पीढ़ी के प्रथम कम्प्युटर की शुरुआत ENIAC की उत्पत्ति से हुई।कम्प्युटर मे  कम्प्युटर  की प्रथम पीढ़ी के    अंतर्गत पाँच कंप्यूटरो की उत्पत्ति हुए -- 
               1.  एनिएक (ENIAC)
               2.  एडसैक (EDSAC)
               3.  एडवैक (EDVAC)
               4.  यूनीवैक (UNIVAC)
             
               5.  लियो (LEO)  

1. एनिएक (ENIAC) :
प्रथम एलेक्ट्रोनिक कम्प्युटर की शुरुआत ENIAC की उत्पत्ति से हुई थी। यह अत्याधुनिक कम्प्युटर दुनिया का पहला जनरल पर्पस(General Purpose) कम्प्युटर था। प्रथम एलेक्ट्रोनिक कम्प्युटर ENIAC को जे०  
ENIAC
ENIAC
 पी० एकर्ट तथा जे० डब्लू० मोचले
वारा USA की यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिलवैनिया मे बनाया गया था। यह Mark-1 का इलैक्ट्रिक रूप था। जो सन 1946 मे बना  था। ENIAC का पूरा नाम (Electronic Numeric Integrator And Calculator) था।  ENIAC मे Mechanical Relays के स्थान पर Electric Component का प्रयोग किया जो Mark-1 से अत्यधिक तीव्र कार्य करते थे। जो कार्य अन्य कम्प्युटर 30 दिन मे पूरा करते थे वह कार्य इस कम्प्युटर द्वार मात्र एक दिन मे पूरा किया जा सकता था। यह कम्प्युटर एक सेकंड मे 5000 बार जोड़ना और 350 बार गुणा कर सकता था इसकी बिजली खाने की क्षमता अत्यधिक थी,  इसका  Radiation अत्यधिक मात्रा मे गर्म हो जाता था। इसीलिए इसे ठंडा रखने के लिए इसमे अत्यधिक मात्रा मे ठंडा करने वाले पुर्जो का प्रयोग किया जाता था। यह कम्प्युटर बहुत बड़े आकार का अत्यधिक जगह लेने वाला होता था । इसके बाद Electronic Component के आधार पर विश्व मे अनेक computer बने  ।  

2. एडसैक (EDSAC) :
EDSAC
EDSAC 


EDSAC (Electronic Delay Storage Automatic Computer) की उत्पत्ति कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी मे हुई थी 6 मई 1949 मे आया था। इस कम्प्युटर मे प्रोग्राम को Store किया जाने लगा था। इस मे Punch Paper की सहायता से आंकड़ो को Data Store Unit मे बदल दिया जाता था । 



3.  एडवैक (EDVAC) :
EDVAC
EDVAC
EDVAC (Electronic Discrete variable Automatic Computer) इस कम्प्युटर के बनने के बाद, प्र्योगशाला मे नई -नई खोज हुई और कई प्रकार के कम्प्युटर बनाये गये। EDVAC मे दो गुण अत्यधिक थे जो ENIAC मे नहीं थे।
 ये कम्प्युटर Data को बाइनरी अवस्था मे स्टोर करके रखता था। यह कम्प्युटर 1952 मे पूर्णत: संचालित हुआ था ।





4.  यूनीवैक (UNIVAC) :                            
UNIVAC
UNIVAC 
UNIVAC (Universal Automatic Computer) इस कम्प्युटर को  सन 1951 मे एकर्ट मोचले  द्वारा  बनाया गया था।
इसमे अपने आप जाँच करने की सुविधा दी गई थी। इस कम्प्युटर मे आकड़ों को Input करने और उसका Output देखने के लिए मैगनेटिक टैप का प्रयोग किया जाता था। 
UNIVAC कम्प्यूटर को पहली बार United State के ब्यूरो  ऑफ़ सन्स में लगाया गया था





LEO
LEO
5.  लियो (LEO) :
LEO (Lyons Electronic Office) यह कम्प्युटर एम० वी० विकीम
   द्वारा सन 1951 मे बनाया गया था। यह कम्प्युटर पहला वाणिज्यिक 
   कम्प्युटर था। 
   जो Universal Accounting कंपनी द्वारा वाणिज्यिक कार्यो को करने के    लिए बनाया गया था ।



कम्प्युटर की दूसरी पीढ़ी (Second Generation 1956-1964): 
दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटरो मे वेक्यूम नलिकाओ के स्थान पर ट्रंजिस्टर्स नामक एलेक्ट्रोनिक पुर्जे  का  प्रयोग  किया
जाने लगा था। ट्रांजिस्टर का आविष्कार अमेरिका के विलियम शोक्ली ने सन 1948 में किया था। ट्रांसिस्टर्स    
Transistors
Transistors
आकार में  वेक्यूम नलिकाओ से छोटे होते है। इनका कम्प्युटर मे प्रयोग होने से कम्प्युटर का आकार छोटा होने लगा और उनकी लागत मे भी कमी होने लगी। और कम्प्युटर कम स्थान व कम बिजली का प्रयोग करने लगे। इसी पीढ़ी मे Punch Card की जगह Tape तथा Magh Disk का प्रयोग शुरू हुआ, जिसकी वजह से Computer की Speed काफी Fast हो गई। और इसी से कम्प्युटर की कार्य करने की क्षमता मे वृद्धि हो सकी। इस दौरान व्यवसाय तथा उद्धोग जगत मे कम्प्युटर का प्रयोग शुरू  हुआ था। तथा नई-नई Programming Languages (Assembly, Fortran, Cobol) का विकास किया गया । दूसरी पीढ़ी के अधिकतर अत्याधुनिक कम्प्युटर की उत्पत्ति IBM द्वारा की गई थी।
               दूसरी पीढ़ी के कुछ प्रमुख कम्प्युटर --
               1.  IBM-700
               2.  IBM-1400, IBM-1401
               3.  IBM-1600
               4.  IBM-7094

               5.  Mark-3, CDC-3600, Honey Well-400 to 800 etc.

IBM -7094
IBM -7094 


IBM -1401
IBM -1401 



भारत में मैसर्स इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड द्वारा दूसरी पीढ़ी का TDC-12 नामक कम्प्युटर बनाया गया था ।



कम्प्युटर की तीसरी पीढ़ी (Third Generation 1964-1973): 
तीसरी पीढ़ी के कम्प्युटर मे ट्रंजिस्टर्स के स्थान पर  IC (Intrgrated Circuits) का प्रयोग किया जाने लगा। IC सिलिकोन नामक पदार्थ की पतली परत से बनाई जाती थी। हजारो ट्रंजिस्टर्स का कार्य अकेले एक IC कर सकती थी। आई० सी० कम्प्युटर के लिए वरदान साबित हुई है।
Intrgrated Circuits
IC 
तीसरी पीढ़ी के कम्प्युटर का आविष्कार IC द्वारा ही संभव हो सका था । तीसरी पीढ़ी के कम्प्युटर को IC, Storage Divice, Input, Output Divice आदि से जाना जाता है। इस काल मे RAM के प्रयोग होने
RAM
RAM 
से Magnetic type तथा Disk की Storage Capacity मे वृद्धि हुई। लोगो द्वारा प्रयोग किये जाने वाले Computer मे Time Sharing का विकास हुआ, जिससे एक से अधिक User एक साथ कंप्यूटर  उपयोग कर सकते थे। इन सभी परिवर्तनों के बाद कम्प्युटर की बिक्री मे 10,000 गुना ज्यादा की बढ़ोतरी हुई । तीसरी पीढ़ी के कम्प्युटर की उत्पत्ति IBM Company ने IBM-360 कम्प्युटर से की थी। 
               तीसरी पीढ़ी के कुछ प्रमुख कम्प्युटर -- 
               1.  IBM-360 


               2.  IBM-370
               3.  GE-6000 Series
               4.  ICL-1900
               5.  VAX-750 etc.

IBM PC
IBM PC 

  IBM-360
  IBM-360 





कम्प्युटर की चतुर्थ पीढ़ी (Fourth Generation 1973-1982): 
VLSI
VLSI 
 IC मे कई प्रकार की खोजे की गई। इस का आकार छोटा करने के लिए नए-नए प्रयोग किए गए जिस के परिणाम मे हमे VLSI (Very Large Scale Intergrated) चिप प्राप्त हुई। इस चिप के अंदर 3,00,000 सर्किट की क्षमता होती है। जो बारीक सिलिकोन से बनी होती है। वह कम्प्युटर जो VLSI तकनीकी के प्रयोग से बनाये गये थे। चतुर्थ पीढ़ी के कम्प्युटर कहलाते थे। आज के इस युग मे हम चतुर्थ पीढ़ी के कम्प्युटर का प्रयोग करते है। सन 1971 मे Intel Carporation ने IC चिप को पननी से पतली सिलिकोन चिप मे बदल दिया था। ये चिप Micro Processor कहलाती है। इसे कम्प्युटर का Brain भी कहा जाता है। Micro Processor एक सर्किट होता है जिसमे हजारो IC को एक Silicon chip मे  Combine किया जाता है। Gilbert Hyatt ने इस का आविष्कार किया था। माइक्रोप्रोसेसर के प्रयोग ने कम्प्युटर की नई पीढ़ी Micro Computer
Micro Processor
Micro Processor 
को जन्म दिया। जिससे कम्प्युटर का आकार छोटा तथा वजन हल्का हुआ। और कम्प्युटर के कार्य करने की क्षमता मे व्र्ध्दि हुई।
इस पीढ़ी मे Magnetic Disk तथा Tape के स्थान पर Semi-conductor Memory का उपयोग होने लगा। इसी पीढ़ी मे ROM  भी प्रचलन मे आई, जिसकी वजह से कार्य अत्यंत तीव्र गति से होने लगे और समय की बचत होने लगी इसी दोरान GUI (Graphical User Interface) का विकास हुआ जिससे कम्प्युटर को चलाना और भी आसान हो गया। सबसे पहला Micro Computer MITS कंपनी ने बनाया था।  जिस का नाम ALTAIR-8800 था। इसी Micro कम्प्युटर पर Bill Gates ने Basic भाषा को स्थापित किया था।उस समय Bill Gates छात्र थे। बाद में इसीसे से प्रेरित होकर Bill Gates ने Microsoft कंपनी की स्थापना की, जो आज दुनिया की सबसे बड़ी Software companyo मे से एक है। MS DOS ऑपरेटिंग सिस्टम का प्रयोग इसी पीढ़ी के कम्प्युटर मे हुआ था। इस पीढ़ी के दोरान ही C Language,Microsoft Windows Operating System तथा माउस , जोयस्टिक आदि। Input उपकरणो का विकास किया गया था।जिससे प्रोग्रामिंग करना आसान हो गया था।  चतुर्थ पीढ़ी को कम्प्युटर के क्षेत्र मे सबसे बड़ी क्रांति माना जाता है। इस पीढ़ी के दोरान ही लोग कम्प्युटर का उपयोग Personaly करने लगे थे ।
               चतुर्थ पीढ़ी के कुछ प्रमुख कम्प्युटर --
               1. Apple Macintosh
               2. IBM
               3. HP
               4. HCL
               5. Wipro
               6. Alteyar
               7. Cray-1,Cray-x-MP (Super Computer) etc.
Generations of Computer.Fourth Generation Computer
Fourth Generation Computer 



कम्प्युटर की पाँचवी पीढ़ी (Fifth Generation 1982-Till Now) :
Ultra Large Scale Integration
ULSI 
पाँचवी पीढ़ी के कम्प्युटर मे VLSI चिप के स्थान पर ULSI (Ultra Large Scale Integration) तकनीक का प्रयोग हुआ। और एक चिप के द्वारा करोड़ो गणना करना संभव हो सका। जिससे कम्प्युटर मनुष्य से भी अधिक क्षमता एवं शुध्द्ता से कार्य कर सकते है। Storage के लिये CD (Compact Disk) का विकास हुआ। Internet, E-mail, WWW (World Wide Web) तथा C++, Python, Java, CSS, और  .Net जैसी High Level Language विकास हुआ।  पाँचवी पीढ़ी का लक्ष्य ऐसे उपकरणो को विकसित करना है। जो उपयोग किए जाने वाली समान्य भाषा मे लोगो को जवाब दे सकते है।  चौथी पीढ़ी तक के कम्प्युटर सोच समझकर निर्णय लेने मे असमर्थ थे। लेकिन पाँचवी पीढ़ी के कम्प्युटर मे वैज्ञानिक कृत्रिम बुद्धि (Artificial Intelligence) लगाने का प्रयास कर रहे है। इसको लगाने के बाद कम्प्युटर परिस्थिति के अनुसार खुद ही सोच समझकर निर्णय ले सकेगा। कम्प्युटर का यह गुण Artificial Intelligence के नाम से प्रसिध्द हुआ। Google Assistent Artificial Intelligence का सबसे अच्छा उधारण है।   पाँचवी पीढ़ी का Computer System जापान के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और उद्योग  मंत्रालय की एक पहल थी, जिसकी शुरुआत 1982 मे बड़े पैमाने पर समानान्तर कम्प्यूटिंग और लॉजिक प्रोग्रामिंग का उपयोग करके कम्प्युटर बनाने के लिए हुयाई थी। जापान द्वारा पाँचवी पीढ़ी के कंप्यूटरो को Artificial Intelligence के साथ KIPS (Knowledge Information Processing System) के रूप मे परिवर्तित किया गया ये आधुनिक कम्प्युटर आज भी चल रहे है। इस पीढ़ी मे बहुत शक्तिशाली कम्प्यूटरो (जैसे-Super Computer, Laptop, palmtop) का विकास हुआ ।

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